International Journal of Multidisciplinary Education and Research

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International Journal of Multidisciplinary Education and Research
Vol. 6, Issue 3 (2021)

भारतीस्वयंवरम् के समाज का आदर्श युवा


डाॅ. जया शुक्ला

साहित्य समाज का दर्पण है प्रत्येक रचनाकार के साहित्य में सामाजिक जीवन की प्रतिच्छाया परिलक्षित होती है एवं उनके साहित्य से समाज को प्रेरणा भी मिलती है। साहित्य समाज की कदापि उपेक्षा नहीं कर सकता।पं.सुधाकर। शुक्ल रचित भारती स्वयंवरम् महाकाव्य बारह सर्पों कि समाजवादी, राष्ट्र वादी, प्रगतिशील एवं सैद्धांतिक मान्यताओं का अपूर्व उन्मेष है। भारती स्वयंवरम् महाकाव्य समाज के समय वर्ग के लिए मार्गदर्शक के रूप में प्रस्तुत है। युवा वर्ग के गुण अवगुणों को एक पर्यवेक्षक की भांति वर्णित किया है और यही इस शोध पत्र का मूल आधार है,इसी का संक्षेप में वर्णन किया जाएगा।
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डाॅ. जया शुक्ला. भारतीस्वयंवरम् के समाज का आदर्श युवा. International Journal of Multidisciplinary Education and Research, Volume 6, Issue 3, 2021, Pages 13-14
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