International Journal of Multidisciplinary Education and Research


ISSN: 2455-4588

Vol. 4, Issue 5 (2019)

सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता के नयापन का विश्लेषण

Author(s): डॉ. अमिय कुमार साहु
Abstract: सर्वेश्वर दयाल सक्सेना हिन्दी की नई कविता के बहुत ही प्रख्यात कवि रहे हैं। उनकी कविताएं वस्तु और भाषा के तौर पर पहले के कवियों से बहुत ही अलग हैं। वे अपने कविता को पुरानी परिपाटी के तौर पर रचने के आदी नहीं है। वस्तु और रूप के स्तर पर उनकी हर कविता में एक नयापन देखने को मिलता है, जो बहुत से आलोचकों को उनकी आलोचना करने का साधन दे देता है। इसी नयेपन को तलाशना और उनके आलोचकों के आरोपों में कितनी सच्चाई है, इसे परखना इस शोध-लेख का उद्देश्य है।
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