International Journal of Multidisciplinary Education and Research


ISSN: 2455-4588

Vol. 4, Issue 4 (2019)

सम्बन्धित शोध साहित्य की समीक्षाः महत्त्व एवं स्रोत

Author(s): डाॅ. मुकेश कुमार
Abstract: अब कोई शोधकर्ता शोधकार्य के लिए अग्रसर होता है तो उसके सामने अनेक प्रश्न आते हैं जिनका उत्तर प्राप्त करने में शोध समस्या से सम्बन्धित साहित्य का सर्वेक्षण सहायक एवं अनिवार्य होता है। सम्बन्धित साहित्य से तात्पर्य वे पुस्तकें, ज्ञानकोष, पत्र-पत्रिकाएँ, प्रकाशित एवं अप्रकाशित शोध ग्रन्थ एवं अभिलेख हैं जिनके अध्ययन के द्वारा वह अपनी समस्या से सम्बन्धित प्रश्नों के उत्तर प्राप्त करता है जैसे - समस्या चयन, परिकल्पनाओं के निर्माण एवं रूपरेखा के निर्धारण आदि। सम्बन्धित साहित्य के अध्ययन के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए गुड, बार तथा स्केटस ने लिखा है - जिस प्रकार एक कुशल चिकित्सक के लिए जरूरी है कि वह अपने क्षेत्र में हो रही औषधि सम्बन्धित आधुनिकतम खोजों से परिचित होता रहे, उसी प्रकार शिक्षा के जिज्ञासु छात्र अनुसंधानकर्ता के लिए भी अपने अध्ययन क्षेत्र से सम्बन्धित सूचनाओं एवं खोजों से परिचित होना आवश्यक है। सम्बन्धित-साहित्य की सामग्री या स्रोत दो प्रकार के हैं - प्राथमिक-स्रोतों के माध्यम से उपलब्ध सम्बन्धित साहित्य जिसके अन्तर्गत - पत्रिकाओं में उपलब्ध सामायिक साहित्य, शिक्षा अनुसंधान से संबंधित पुस्तकें, वार्षिक-पुस्तकें एवं सर्वेक्षण-प्रतिवेदन आते हैं। द्वितीयक-स्रोतों के माध्यम से उपलब्ध सम्बन्धित साहित्य जिसके अन्तर्गत - शिक्षा विश्व ज्ञानकोश, शिक्षा-सार, शिक्षा-सूचीपत्र, संदर्भ-ग्रंथ-निर्देशिकाएं आदि आते हैं। इस प्रकार कह सकते हैं कि किसी भी शोध समस्या के समाधान हेतु सम्बन्धित साहित्य का सर्वेक्षण सहायक एवं अनिवार्य होता है।
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