International Journal of Multidisciplinary Education and Research


ISSN: 2455-4588

Vol. 4, Issue 4 (2019)

स्वामी विवेकानन्द के शैक्षिक विचारों की मौलिकता

Author(s): डाॅ. मुकेश कुमार
Abstract: स्वामी विवेकानन्द उन महान दार्शनिक व शिक्षाशास्त्रियों में से एक थे जिन्होंने प्राचीन एवं नवीन विचारों में समन्वय स्थापित किया। अपने दार्शनिक विचारों को व्यावहारिक रूप प्रदान करने के लिए उन्होंने एक शिक्षा-योजना प्रस्तुत की जिसमें उन्होंने बताया कि - “शिक्षा व्यक्ति में पहले से ही निहित पूर्णता की अभिव्यक्ति है” और शिक्षा के उद्देश्य - जन्मजात शक्तियों का विकास, शारीरिक विकास, मानसिक विकास, चारित्रिक विकास, व्यावसायिक कुशलता का विकास, भ्रातृत्व का विकास और समाज सेवा की भावना का विकास आदि बताये। पाठ्यक्रम, शिक्षण विधियाँ, अध्यापक का स्थान, बालक का स्थान, अनुशासन, जन शिक्षा और स्त्री शिक्षा पर बड़े मौलिक विचार प्रस्तुत किये। अतः उपर्युक्त विचारों के आधार पर कहा जा सकता है कि विवेकानन्द ने अपने मौलिक शैक्षिक विचारों से शिक्षा जगत को महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।
Pages: 103-105  |  279 Views  56 Downloads
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