International Journal of Multidisciplinary Education and Research


ISSN: 2455-4588

Vol. 4, Issue 4 (2019)

‘लोक सम्बेदना के शिखर पुरूष-अनूप अशेष’

Author(s): डाॅ0 बीरेन्द्र कुमार त्रिपाठी
Abstract: भारत देश के मध्य भाग में स्थित विंध्य क्षेत्र के सतना जिले के सोनौरा गाॅव में जन्में श्री अनूप सिंह बघेल अशेष नवगीत कवि ऐसी शख्यित का नाम है जो लोक जीवन की संवेदनाओं के सारथी हैं । उनकी कलम से प्रस्फुटित अर्थलय की अभिव्यक्ति के शब्द, मुहावरे और बिम्ब अपनी परम्परा के साथ नवता भी ग्रहण करते है । इसीलिए अनूप अशेष के नवगीत जो समय, स्थिति और संदर्भो की पहचान करते हुए गीत परम्परा में अपनी जमीन स्वयं तैयार किये है, उन्हें किसी मुहर या ठप्पे की जरूरत नहीं पडती । वे किसी अखाडे के पहलवान नहीं । उनकी स्वतंत्र चेतना ने ही उन्हे अनूप और अशेष बनाया है ।
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