International Journal of Multidisciplinary Education and Research

International Journal of Multidisciplinary Education and Research

ISSN: 2455-4588

Vol. 2, Issue 2 (2017)

जौनपुर जिले के माध्यमिक स्तर पर अध्ययनरत छात्रों का उपलब्धि अभिप्रेरक का उनके शैक्षणिक उपलब्घि पर होने वाले प्रभाव का अध्ययन

Author(s): सुनील मणि त्रिपाठी, डाॅं0 जय सिंह
Abstract: उपलब्धि की आवश्यकता या जिसे उपलब्धि अभिप्रेरक भी कहा जाता है से तात्पर्य ऐसे अभिप्रेरक से होता है जिससे प्रेरित होकर व्यक्ति अपने कार्य को इस ढंग से करता है कि उसे उसमें अधिक से अधिक सफलता मिल सके। मन फर्नाल्ड व फर्नाल्ड (1972)1 ने उपलब्धि अभिप्रेरक को परिभाषित करते हुए कहा है ”उपलब्धि अभिप्रेरक से तात्पर्य श्रेष्ठता के खास स्तर प्राप्त करने की इच्छा से होता है।“ जिन व्यक्तियों में उपलब्धि अभिप्रेरक अधिक होता है, वे अपनी जिन्दगी में अधिक से अधिक उच्च स्तर की सफलता प्राप्त करने की कोशिश करते है। व्यक्ति अपने आने वाली तरूण पीढ़ी के समझ अपने अनुभव एवं मूल्य इस उद्देश्य से रखता है ताकि वे सांस्कृतिक व्यवहार की रक्षा कर सके एवं उनके व्यवहार में अपेक्षित परिवर्तन हो। बालक को विद्यालय में रखकर एक विशेष वर्ष में अध्ययन करने हेतु तैयार किया जाता है। तथा उस वर्ष के अंत में बालकों की परीक्षा लेकर यह ज्ञात किया जाता है कि वह बालक पूरे वर्ष के दौरान पढ़ाये गये पाठ्यक्रम का कितना ज्ञान प्राप्त कर सका। वही उसकी उस वर्ष की शैक्षिक उपलब्धि कहलाती है। अर्थात् एक निश्चित समय सीमा में छात्रों द्वारा विद्यालय में रहकर प्राप्त उपलब्धि शैक्षिक उपलब्धि के नाम से जाना जाता है। माध्यमिक स्तर के छात्रों पर उपलब्धि अभिप्रेरक का उनके शैक्षणिक उपलब्धि पर होने वाले प्रभाव की औसत उपलब्धि 29.27 तथा मानक विचलन 7.69 है तथा छात्राओं का औसत उपलब्धि 30.07 तथा मानक विचलन 7.00 है। माध्यमिक स्तर के ग्रामीण विद्यार्थियों पर उपलब्धि अभिप्रेरक का उनके शैक्षणिक उपलब्धि पर पड़ने वाले प्रभाव की औसत उपलब्धि 28.70 तथा मानक विचलन 7.39 है तथा शहरी विद्यार्थियों का औसत उपलब्धि 30.67 तथा मानक विचलन 6.92 है।
Pages: 19-23  |  1132 Views  552 Downloads
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