International Journal of Multidisciplinary Education and Research


ISSN: 2455-4588

Vol. 2, Issue 1 (2017)

शिक्षा और आधुनिक समाज

Author(s): Vidushi sharma
Abstract: इसशोधपत्रकेद्वाराशिक्षाऔरसमाजकेबारेमेंबातकीगईहै।शिक्षाकेउदयकालकेबारेमेंनिश्चिततौरपरकुछनहींकहाजासकतापरंतुजबसेयहअस्तित्वमेंआईहै, इसनेसमाजकास्वरूपहीबादलदियाहैऔरजैसेजैसेइसकाप्रचारप्रसारहोतागयावैसेवैसेसभीप्रकारकेसमाजोंमेंइसकीमहत्तापतालगतीगईवास्तवमेंएकशिक्षाहीहैजोएकव्यक्तिकोमानव महामानवबनातीहैइसबारेमेंस्वामीविवेकानंदजीकेविचारअनुकरणीयहैंजितनाहमसीखतेहै, उतनीहीहमेंअपनीअज्ञानताकाएहसासहोताजाताहैआधुनिकसमाजमेंतोशिक्षाकामहत्त्वइतनाअधिकहैकिबिनाशिक्षाकेआधुनिकसमाजकीकल्पनाभीनहींकीजासकतीआजजोमानवनेइतनीउन्नतिकीहै, वहशिक्षाऔरशिक्षणकीहीदेंनहैइसलिएइसआधुनिकसमाजमेंशिक्षाऔरउसेप्रदानकरनेवालाशिक्षकतथावहविधिजिससेशिक्षाकोप्रचारितप्रसारितकियाजाताहै, वहक्रियाशिक्षण, तीनोंहीइससमाजकेअभिन्नअंगहैं, यायूंकहेंकियेतीनोंसमाजकेआधारस्तम्भहैंतोकोईअतिशयोक्तिनहींहोगीइनकेबिनाएकसभ्यसमाजकीकल्पनाहीएकमूर्खतापूर्णकार्यहोगा
Pages: 49-50  |  1973 Views  444 Downloads
download hardcopy binder