International Journal of Multidisciplinary Education and Research


ISSN: 2455-4588

Vol. 1, Issue 9 (2016)

रीवा संभाग में हाई स्कूल स्तर पर अध्ययनरत विद्यार्थियों के संवेगात्मक बुद्धि का उनकी शैक्षणिक उपलब्धि पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन

Author(s): मनीष कुमार त्रिपाठी, डाॅं0 जय सिंह
Abstract: विद्यार्थी राष्ट्र की सम्पत्ति और उसके भावी कर्णधार होते है। उनके मानसिक, शारीरिक, बौद्धिक, नैतिक और आध्यात्मिक आदि सभी प्रकार के निर्माण एवं विकास का उत्तरदायित्व अध्यापक पर होता है। छात्र बगीचे के पौधे के समान है, अध्यापक माली है, जो उस पौधे को सींचते हैं, एवं उनकी कांट-छांट करते हैं तथा अन्य सब प्रकार से उनकी देखभाल करते है। शिक्षा के आधुनिक मनोविज्ञान में संवेगो का प्रमुख स्थान है। संवेग हमारे सब कार्यो को गति प्रदान करते है और शिक्षक को उन पर ध्यान देना अति आवश्यक है। संवेग क अभाव में मानव-मस्तिश्क अपनी किसी भी शक्ति को समाप्त करने में असमर्थ रहता है। अतः शिक्षक का प्रमुख कत्र्तव्य है कि बालकों में उचित संवेगो का निर्माण और विकास करे। शोध क्षेत्र के 70.00 प्रतिशत प्राचार्य, 62.50 प्रतिशत शिक्षक व 65.00 प्रतिशत छात्र यह मानते हैं, कि शोध क्षेत्र के हाई स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों के संवेगात्मक बुद्धि का उनके शैक्षणिक उपलब्धि पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
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